लहरो का शुमार… समंदर का चिराग होता है
महफ़िल मे सजी जाम का … हर दिल को इन्तेज़ार होता है
बारिश के मौसम ने छुपा रखा है आँखो का सुरूर
वरना तो अब हम पर दुआओं का असर भी नाग्वार होता है ....
महफ़िल मे सजी जाम का … हर दिल को इन्तेज़ार होता है
बारिश के मौसम ने छुपा रखा है आँखो का सुरूर
वरना तो अब हम पर दुआओं का असर भी नाग्वार होता है ....

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