Tuesday, May 29, 2012

Colour of Air

कभी खुल कर नही बोला...पर मे झुक भी नही पाया
हवाओ के इशारो पर... मगर मे बह भी नही पाया
समझकर भी समझता ही रह गया… उन सपनो के रंगो को... 
कभी वो मुझमे रच नही पाए... कभी मे उनमे घुल नही पाया

Words worth

इन नज़रो मे नही अंधेरा …. कोई उजाला भी करता है
आँखो का उतरा काजल … कभी क्या काला भी करता है
कितने बिखरे है .. कितना टूटे है
बस ये शब्द ही है जो खामोश रहकर भी निखरे है

Monday, May 21, 2012

Fly High

बदलना लाख चाहो पर .. ज़माना रोक देता है
सहज कोई देख कर भी … यू  नज़र फेर लेता है
हमे तो हमारी दिल लगी ने इतना सिखाया है
हमे तो हमारी  ख़ुशनसीबी  ने  इतना सिखाया है
की करम कोई  भी हो जैसा  … सिला भी वही देता है
हर बार  उमड़ी उड़ानो को ..अस्मा भी वही देता है

Wednesday, May 9, 2012

Pen Drink

कलम के कदम बहके है.. तो समझा हू
बिखरी बिखरी सिल्वटो की ... रेशम मैं उलझा हू
मुस्कुराते हुए हमने भी तो तुमको सिला दी है ...
कसूर ए गम का क्या जानू... नूरे प्रेम मैं जो उलझा हू

Aks

कोई अंतर नही दिखता... पर मैं पा भी नही सकता
कोई अंतर नही दिखता... पर मैं  छू भी नही सकता 
इलाही क्या ये शबब है... जो मैं चाह भी नही सकता
हमे तो भूल कर भी याद है... नूरे चहरा किसी का
मगर उस चहरे की नज़रो  मैं... अपना अक्स बसा नही सकता