इन नज़रो मे नही अंधेरा …. कोई उजाला भी करता है
आँखो का उतरा काजल … कभी क्या काला भी करता है
कितने बिखरे है .. कितना टूटे है
बस ये शब्द ही है जो खामोश रहकर भी निखरे है
आँखो का उतरा काजल … कभी क्या काला भी करता है
कितने बिखरे है .. कितना टूटे है
बस ये शब्द ही है जो खामोश रहकर भी निखरे है

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